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17th BRICS SUMMIT 2025/ 17वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025

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 इस Topic में  मैं आप सबको 17वां BRICS SUMMIT से संबंधित कुछ Important Fact बताऊंगा जो Railway/SSC/ STATE PCS    जैसे Exam हेतु अति महत्वपूर्ण माना जाता है , जिसमें हर बार हमें 1 प्रश्न जरूर देखने को मिलती है.....तो आइए, जानते हैं...... BRICS क्या है ? - BRICS उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों का एक समूह है। Hosting :- इसबार 17वां BRICS SUMMIT का आयोजन ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर में किया गया था!! थीम :- " अधिक समावेशी और टिकाऊ शासन के लिए विश्वैक दक्षिण सहयोग को मजबूत करना है । ⭐ इसमें सम्मिलित कुल देशों की संख्या 10 है, जिसमें Brazil , Russia , India , China , south Africa जैसे बड़े देश शामिल हैं...... इसके अलावा 5 अन्य नये देशों को भी इसमें शामिल किया गया है , वे देश हैं:- Egypt , Ehiopia , Indonesia , Iran , United Arab Emirates शामिल हैं!!! इनमें से Indonesia को हाॅल ही में जनवरी 2025 में BRICS संगठनों की सूची में शामिल किया गया है। ⭐BRICS से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बातें:- ⭐ स्थापना:-  2006 में ⭐ मुख्यालय:- शंघाई (चीन ) ⭐ BRICS देशों के बैंक :- ND...

उम्मीदों के किरण

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उम्मीदों के किरण कभी-कभी थक सा जाता हूं मैं  जिन्दगी की इस रफ्तार से क्षण भर के लिए रुक सा जाता हूं मैं अपने हर उस मकसद से  जो कभी बचपन में मेरी इन नन्ही आंखों ने देखी थी ।। तंग आ गया हूं मैं अपनी हर लापरवाही से टूट सा गया हूं मैं अपनी हर असफलता से सहम सा जाता हूं कभी पता नहीं क्यों इस तरह मानो अब भी डर लगता हो मुझे बदलती दुनिया और बदलते हुए लोगों से दिन बदले, रात बदले टिक टिक टिक टिक करती घड़ियों के सुई बदले बने बनाए इंसान भी बदल गया  पलभर में मौसम की तरह ।। सबकुछ बुझ सा गया वक्त की आंधियों में, पर अबतक बुझा ना पायी किरणें उम्मीदों की..... बुझा ना पायी किरणें उम्मीदों की ।।                                    Lakshman Tudu ( written By )    

सचिन तेंदुलकर की एक अनकही कहानी// An Untold Story Behind Sachin Tendulkar//Three Generations one hero

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                     सचिन तेंदुलकर की एक अनकही कहानी अक्सर हममें से ज़्यादातर लोग कठिन परिस्थितियां के आगे आसानी से हार मान लेते हैं या तो उन परिस्थितियों से समझौता कर लेते हैं क्योंकि शायद हमें सरल जीवन जीने की आदत सी हो गई है या तो हमें उन चुनौतियों को स्वीकार करने से डर लगता हो । यहां पर इसके जवाब हर लोगों के अलग-अलग हो सकते हैं, पर कुछ विरले ही ऐसे होते हैं जो दिखने में तो हम सबकी तरह ही सामान्य होते हैं पर उनकी सोच, साहस और उसकी ज़िद्दीपन उन्हें हम सबसे अलग और खास बनाती है । अगर आप इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें तो आपको आश्चर्य होगा कि ज्यादातर इतिहास इन्हीं लोगों ने रचे हैं । किसी ने सच ही कहा है कि समझदार लोग तो केवल रचे हुए इतिहास पढ़ते हैं और इतिहास तो कोई सरफिरा ही रचते हैं । सन् 1989 का  वो दिन भला कौन भूल सकता है जहां दो सरहदों की सम्मान "दांव" पर लगी हुई थी । दोनों ही देश एक दूसरे को पछाड़ने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते थे । वैसे तो ये दोनों ही सरहद आपस में भाईचारा या समझौता का रास्ता आसानी से अपनाना...

olympic games -2020 | History , complete winner List |

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नमस्कार दोस्तों.....!! मैं Lakshman Tudu आप सबके बीच एक लंबे अरसे के बाद एक और नये Topic के साथ आया हूं और मुझे आशा है कि ये Topic भी आप सबके लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित होने वाली है क्योंकि ये Topic मैंने खासकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे विधार्थियों के लिए लिखा हूं । मैंने इस लेख में उन चीजों को ज्यादा तवज्जो दी है जो प्रतियोगिता परीक्षा के नजरों से बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है ।। तो चलिए विस्तार से जानते हैं आज के इस नये Topic को ताकि इनसे प्रश्न आये तो एक भी प्रश्न ना छूटे ।। ओलंपिक खेल (Olympic games) इस खेल की शुरुआत प्राचीन काल में यूनान के एक शहर "ओलम्पिया" में सन् 776 ईसा पूर्व की गई थी और अगर आधुनिक olympic games की बात करें तो इनकी शुरुआत सन् 1896 ई० में यूनान के ही एक शहर " एथेंस " से प्रारंभ की गई थी । ओलंपिक खेल का मुख्य उद्देश्य :- इसका मुख्य उद्देश्य विश्व भर में खेल के माध्यम से हर एक देश का अपना वर्चस्व स्थापित करना है यानी कि खुद को अन्य देशों की तुलना में बेहतर साबित करना ।  जैसे:- ( तेज,ऊंचा, बलवान ) कुछ प्रमुख बा...

प्राकृतिक की खूबसूरत दुनिया में

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प्राकृतिक की खूबसूरत दुनिया में शाम हो चली थी, सभी पक्षियां अपने-अपने घौंसला की ओर लौट रही थी । सूरज की लालिमा धीर-धीरे अंधेरों में विलीन हो रही थी और सूरज खुद पहाड़ों की वादियों में छुपती जा रही थी मानो वह आखिरी बार अलविदा कह कर जा रहा हो...... दूर खेलते बच्चों की किलकारियां अब थोड़ी-सी मंद पड़ गई थी शायद अब वह भी अपने-अपने घरों की ओर प्रस्थान कर चुके थे। अब बारी थी बहती हवाओं की जो शायद वह भी अपनी ही बारी की इंतजार में थी और मंद-मंद मुस्कराते हुए खुबसूरत फूलों को छूकर निकल जाती है और अपने साथ फूलों की मनमोहक खुशबुओं को साथ लेकर आसपास के वातावरण में बांटती फिरती है । ऐसा लग रहा था मानो जैसे वह उस खूबसूरत खुशबुओं वाली फूलों के "अच्छे गुणों" के बारे में अपने आस-पड़ोस के लोगों को बता रही हो । और जहां "अच्छे गुण" हों वहां भीड़ लगनी तो लाजमी ही थी शायद यही वजह है कि अब भी वहां पर सैंकड़ों तितलियां-भौंरा और चिंटियों की भीड़ लगी हुई थी । एक दिलचस्प बात यह भी थी कि वहां पर गिलहरियों की एक छोटी-सी टोली भी दिख रही थी जो एक खूबसूरत और सुखी परिवार होने  की मिसालें  दे र...

Nobel prize /नोबेल पुरस्कार

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नोबेल पुरस्कार 2019-20 यह पुरस्कार स्वीडेन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को उनकी पुण्यतिथि के मौके पर दिया जाता है । क्यों और किसके लिए दिया जाता है ? यह पुरस्कार उनकी मृत्यु के पश्चात मिली वसीयत के अनुसार विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु दिया जाता है । अल्फ्रेड नोबेल के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी    नाम :- अल्फ्रेड बर्नाहार्ड नोबेल    जन्म:- सन् 1833 ई० में    मृत्यु :- 10 दिसंबर 1896    कार्य:- ( वैज्ञानिक और केमिकल इंजीनियर) प्रमुख खोज :- डायनामाइट ✍️ Note :- वर्तमान में यह पुरस्कार छ: विषयों में दिया जाता है। हालांकि, इससे पहले यह पुरस्कार पांच विषयों में दिया जाता था परन्तु सन् 1967 ई० में अल्फ्रेड नोबेल के 300वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर " अर्थशास्त्र" को भी इस सूची में शामिल किया गया । 1st Nobel prize 1901 * नोबेल पुरस्कार के सर्वप्रथम विजेता   विषय                ...

corona virus// CoViD -19// करोना वायरस

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करोना वायरस की चपेट में आयी पूरी दुनिया आज पूरे विश्वभर में लोग एक ही बीमारी से परेशान हैं और वो हैं "CoViD-19" जो इटली,चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे बड़े-बडे़ राष्ट्रों को भी हिलाकर रख दिया है जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की तुलना में काफी बेहतर माने जाते हैं । इनसे संक्रमित लोगों की संख्याएं दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है और कहीं घटने का नाम ही नहीं ले रही है । विश्वभर की तमाम वैज्ञानिकों और डाक्टरों की कोशिशें लगातार जारी है ताकि इस वायरस को जल्द से जल्द अपने काबू में लाया जा सके परन्तु बड़ी दुःख की बात है कि उनकी हर कोशिशें "कोरोना वायरस" के आगे नाकाम साबित हो रही हैं। हालांकि, एक अच्छी खबर यह भी है कि कोई जगहों पर इस वायरस के कारण इलाजरत लोगों को डाक्टरों के माध्यम से बचाया भी जा चुका है परंतु बड़े स्तर पर देखा जाए तो अब भी सम्पूर्ण रूप से इस वायरस पर काबू नहीं किया गया है । और अंततः WHO (world Health Organization) ने भी वेबस होकर इस वायरस को 11 मार्च 2020 को महामारी घोषित कर दिया है।    तो इनसे ही आप सब अंदाजा लगा सकते हैं कि  "करोना वाय...