शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

Oscar Nominations 2020 : The complete winner List | 92nd Academy Awards

 Oscar Awards -2020// 

 ऑस्कर अवार्ड-2020


मैं आज आप लोगों को ऑस्कर अवार्ड संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दूंगा जो हर Govt. Exam में इनसे एक प्रश्न जरूर पूछ ही लिया जाता है ।
तो सबसे पहले मैं इनके इतिहासिक पन्नों पर चर्चा करूंगा इसके बाद फिर मैं 2020 के ऑस्कर अवार्ड की विजेताओं की सूची आप सबको विस्तार से बताऊंगा ।।

  


✍️ 1. ऑस्कर अवार्ड विश्व फ़िल्म जगत की सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है, जो विश्व फ़िल्म जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए  यह पुरस्कार दिया जाता है । इस पुरस्कार की शुरुआत सन् 1929 ई० में हुई थी । 
इसका आफिशियल नाम "एकेडमी अवार्ड ऑफ मेरिट" है ।

✍️ 2. यह पुरस्कार प्रतिवर्ष फरवरी माह में ह‍‌ॉलीवुड के "कोडेक थियेटर" में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाता है । यह पुरस्कार नेशनल अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा दिया जाता है ।।
प्रथम ऑस्कर अवार्ड  समारोह का आयोजन " रूजवेल्ट होटल" में किया गया था ।

पुरस्कार का निर्माण :-  इसका निर्माण काली मैटल बेस पर सोने की परत चढ़ाकर बनायी जाती है ।

ऑस्कर अवार्ड को ग्रहण करने के नियम :- इस अवार्ड को ग्रहण करने से पहले उस व्यक्ति से एग्रीमेंट करवा लिया जाता है कि वह इसे बेचेंगे नहीं और अगर बेचेंगे तो सबसे पहले 1 डॉलर एकेडमी को देनी पड़ती है ।

1st ऑस्कर अवार्ड -1929

 ✍️ Best outstanding picture :- wings


 ✍️ Unique And Artistic picture :- sunrise
    (  Film - The Last command और The way of All Flesh के लिए  )


  ✍️ Best Actor :-  Emil Jannings ( The Last command, The way of All Flesh )


  ✍️ Best Actress :- Janet Gaynor  ( 7th Heaven, Street Angel, Sunrise के लिए )


  ✍️ Best direction ( Dramatic Picture )
                   - Frank Borzage
             ( Film - 7th Heaven के लिए )

   ✍️Best Direction ( Comedy Picture ) :-
         Lewis Milestone
 ( Two Arabian Knights के लिए  )


   ✍️ Writer ( Adaptation ) :-  Benjamin Glazer  ( 7th Heaven के लिए )


 ✍️ Writer ( Original Story ) :-  Ben Hecht

                                      ( Underworld के लिए )

ऑस्कर अवार्ड में भारत 

   * पहली बार आस्कर अवार्ड के लिए नामित भारतीय फिल्म :-  मदर इंडिया, ( डायरेक्टर - महबूब खां )
 यह फिल्म सन् 1958 में ऑस्कर अवार्ड के लिए नामित हुई थी । 
  
   *  ऑस्कर अवार्ड पाने वाले प्रथम भारतीय पुरुष:- सत्यजीत रे 1992 में लाइफ टाइम अवार्ड

* ऑस्कर अवार्ड पाने वाली प्रथम भारतीय महिला :- भानु  अथैया ( कास्ट्यूम डिजाइन के लिए )
भानु अथैया ने यह कास्ट्यूम डिजाइन फिल्म " गांधी " के लिए की थी ।।


*  बेस्ट ओरिजनल सांग के लिए ऑस्कर अवार्ड पाने वाले प्रथम भारतीय :- ए० आर० रहमान एवं गुलजार ( फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर ) 

* बेस्ट ओरिजनल सांग स्कोर के लिए ऑस्कर अवार्ड पाने वाले प्रथम भारतीय :-  ए० आर० रहमान
    ( फिल्म :-  स्लमडॉग मिलेनियर )


🇮🇳 ऑस्कर अवार्ड के लिए नामित प्रमुख भारतीय फिल्में :-
   मदर इंडिया ,  सलाम बाम्बे ,  लगान , श्वास , पहेली , रंग दे बसंती , न्यूटन .....।।।

हॉलांकि, हर साल भारत की ओर से भी कोई न कोई फिल्म ऑस्कर अवार्ड की दौड़ में जगह बना लेती है परंतु फाइनल लिस्ट तक नहीं पहुंच पाती है ।।
अबतक सिर्फ तीन भारतीय फिल्में ही ऑस्कर अवार्ड की फाइनल लिस्ट तक पहुंच पायी थी और वे फिल्में हैं :-

 1.  मदर इंडिया ( 1957 ) डायरेक्टर :- महबूब खां 

 2. सलाम बाम्बे ( 1988 ) डायरेक्टर :- मीरा नायर 

 3. लगान  ( 2001 ) डायरेक्टर :- आशुतोष गोवारिकर


ऑस्कर अवार्ड - 2020 ( 92वां संस्करण )

 * इस साल ऑस्कर अवार्ड को कुल 24 केटेगरी में दिया गया जहां " 92 साल के इतिहास में पहली बार किसी विदेशी भाषा के फिल्म को बेस्ट पिक्चर का अवार्ड मिला जो इतिहास के सुनहरे अक्षरों में दर्ज हुआ ।। "


कुछ प्रमुख ऑस्कर अवार्ड के लिस्ट जो Exam के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हैं :- 

  
 1. बेस्ट फिल्म :- पैरासाइट

 2. बेस्ट एक्टर :- वाकिन फीनिक्स ( फिल्म :- जोकर )

3. बेस्ट एक्ट्रेस :- रीनि जेलवेगर ( फिल्म :- जुडी )

4. बेस्ट डायरेक्टर :-  बांन्ग जून हो  ( फिल्म :- पैरासाइट )

5. बेस्ट एनिमेटेड फिल्म :- टाय स्टोरी 4

6. बेस्ट अरिजनल सांग :- आय एम गोना लव मी अगेन
 ( फिल्म :- राकेटमैन )

7. बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइढन :- लिटिल वुमन ( जैकलीन डूरन )

 8. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रोडक्शन में बनी फिल्म  " अमेरिकन फैक्ट्री " को बेस्ट डाक्यूमेंट्री का अवार्ड मिला ।।

✍️ Note :- साल 2020 में भारत की ओर से आफिशियल ऑस्कर अवार्ड के लिए नामित फिल्म :- गली बॉय 
 ( डायरेक्टर :-  जया अख्तर )

✍️ इस साल फिल्म " पैरासाइट " को सबसे ज्यादा 4 ऑस्कर अवार्ड मिले जबकि फिल्म :- 1917 को 3 , जोकर , वन्स अपाॅन टाइम , फोर्ड vs फरारी को 2-2 अवार्ड मिले ।। 

  

कुछ प्रमुख तथ्य :- 

✍️ 1. ऑस्कर के साथ नोबेल पुरस्कार पाने वाले विश्व के एकमात्र व्यक्ति :- जार्ज बर्नार्ड 
 ( सन् 1925 में साहित्य के लिए नोबेल और सन्  1938 में बेस्ट स्क्रीन प्ले के लिए ऑस्कर अवार्ड मिला था ।। )

✍️ 2. अबतक के हुए आस्कर संस्करण में सबसे ज्यादा 
" ऑस्कर अवार्ड  " प्राप्त करने वाली फिल्म :- 
 ..... इस सूची में 3 Hollywood फिल्म हैं जिनमें सब फिल्मों ने  11 अवार्ड जीते हैं ।।।
 A. बेन हुर  ( डायरेक्टर :-  विलियम वीलर )
 B. टाॅइटेनिक  ( डायरेक्टर :- जेम्स केमरून )

 C. द लार्ड आप द रिंग : द रिटन आप द किंग  
                    ( डायरेक्टर :- पीटर जैक्सन )

✍️ सबसे ज्यादा बार " सर्वश्रेष्ठ अभिनेता "  का ऑस्कर अवार्ड जीतने वाले अभिनेता :-  जैक निकाॅलसन ( 3 बार )
     
✍️ सबसे ज्यादा बार " सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री " की ऑस्कर अवार्ड जीतने वाली अभिनेत्री :- कैथरीन हेपबर्न ( 4 बार )

तो ये थे कुछ प्रमुख ऑस्कर अवार्ड से संबंधित बातें जो मैंने अपने post के माध्यम से आप सबको Share किया.....!!!
तो  Comment Box में जरूर बताएं कि कैसे लगी मेरी ये post.....!!!

                                             ✍️ Written By

                                            Lakshman Tudu

रविवार, 16 फ़रवरी 2020

क्रिकेट का इतिहास// /history of cricket


क्रिकेट का इतिहास

(क्रिक से लेकर क्रिकेट बनने तक का सफर )


जब भी क्रिकेट की बात होती है तो सैकड़ों लोगों के जुबां पर अपने आप अपने-अपने पसंदीदा क्रिकेटर का नाम आ जाता है और ये केवल बड़े नौजवान तक ही सीमित नहीं है, आज छोटे-छोटे बच्चे से लेकर बूढ़े तक कोई भी क्रिकेट के इस "दिवानापन" से अछूता नहीं है।

गांव से लेकर शहरों तक इनका ही बोलवाला है, इनसे ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भारत में क्रिकेट का "क्रेज" कितना ज्यादा है....!!!!
तो चलिए आज मैं आप सबको क्रिकेट के प्रति दीवानापन और ये खेल कैसे एशिया महादेश में विस्तार हुआ उन बातों से आप सबको रूबरू कराता हूं....!!!





कहा जाता है कि क्रिकेट खेल की शुरुआत 16वीं शताब्दी में England में हुई थी और उस वक्त यह खेल 
Gentle man का खेल हुआ करता था यानी कि बड़े-बड़े खानदानी लोग ही इस खेल को खेल पाते थे ।
क्रिकेट शब्द की उत्पत्ति "क्रिक" शब्द से हुई थी जिसका अर्थ है "बैसाखी"/ लाठी....!!!
पहले इसे एक छोटी सी लकड़ी के सहारे खेला जाता था और उस वक्त कोई निश्चित Boundary नहीं हुआ करता था ।
पर वक्त के साथ-साथ क्रिकेट के खेल में भी उनके खेलों के उपकरणों के साथ-साथ उनके प्रारूपों में भी काफी बदलाव किए गए।

क्रिकेट का विस्तार भारत और अन्य देशों में सर्वप्रथम अंग्रेजों के द्वारा किया गया था क्योंकि उन्होंने जिन देशों पर अपनी पकड़ मजबूत की या जिन भू-भाग पर उन्होंने अपना कब्जा जमाया वहां धीरे-धीरे अपने आप क्रिकेट का विस्तार होते गया।

आधिकारिक तौर पर प्रथम क्रिकेट क्लब की स्थापना सन् 1760 के दशक में हैम्बलडन में की गई थी ।
MCC ( मेलबर्न क्रिकेट क्लब ) की स्थापना सन् 1780 में की गई थी जो क्लब के तौर पर विश्व का दूसरा क्रिकेट क्लब था ।
प्रथम अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सन् 1877 ई० में मेलबर्न में खेला गया और प्रथम वनडे क्रिकेट मैच भी आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ही सन् 1971 ई० में खेला गया था ‌।
वक़्त के साथ-साथ क्रिकेट के हर प्रारूपों में भी फेर बदल किया गया और अंततः T20, IPL, T10 जैसी छोटी प्रारूप वाली क्रिकेट की उत्पत्ति हुई है ।

क्रिकेट के कुछ प्रमुख तथ्य :-

✍️ क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था:-

 ICC ( International cricket club)

✍️ मुख्यालय :- दुबई 

✍️ वर्तमान चेयरमैन :- शशांक मनोहर (  22 नवंबर 2015 से अबतक )


* परिमाप :-
 ✍️ पिच की लंबाई :- 22 गज ( 20.11 मी०)
 ✍️ गेंद का भार :-  155 से 163 ग्राम
 ✍️ बल्ले की लंबाई :- 96.52 सेमी० (38 इंच) अधिकतम
 ✍️ बल्ले की चौड़ाई :- 10.8 सेमी० ( 4.25 इंच )                     अधिकतम
 ✍️ स्टंप की लंबाई :- लगभग 72 सेमी०
  
* क्रिकेट की प्रमुख शब्दावली :- 
    बैट्समैन, विकेटकीपर, फील्डर, एल० बी०डब्ल्यू, गेंदबाज,
    चाइनामैन, हुक, पापिंग क्रीज, सिली वांइट, कैच, 
    हिट विकेट, कवर प्वांइट, सिली प्वांइट, रन आउट, आदि ।




विश्वकप क्रिकेट

  वर्ष      आयोजक देश            विजेता           उपविजेता


* 1975 - इंग्लैंड                    वेस्टइंडीज      आस्ट्रेलिया    


* 1979 - इंग्लैंड                   वेस्टइंडीज          इंग्लैंड       


* 1983 - इंग्लैंड                     भारत             वेस्टइंडीज   

1987-  भारत,                  आस्ट्रेलिया          इंगलैंड     
     पाकिस्तान

* 1991- आस्ट्रेलिया,               पाकिस्तान          इंग्लैंड     
              न्यूजीलैंड

* 1996 -  भारत, श्रीलंका           श्रीलंका        आस्ट्रेलिया  
            पाकिस्तान

1999 - इंग्लैंड                      आस्ट्रेलिया        पाकिस्तान

* 2003 - द० अफ्रीका            आस्ट्रेलिया            भारत    

* 2007 - वेस्टइंडीज              आस्ट्रेलिया           श्रीलंका   

* 2011 -  भारत, श्रीलंका,         भारत               श्रीलंका  
         बांग्लादेश

* 2015 - आस्ट्रेलिया,               आस्ट्रेलिया       न्यूजीलैंड  
             न्यूजीलैंड

* 2019 - इंग्लैंड                         इंग्लैंड           न्यूजीलैंड  
 



क्रिकेट के कुछ अंतराष्ट्रीय रिकार्ड :-

ODI RECORDS :-

  ✍️ 1. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक शतक (49), सर्वाधिक रन (18426), सर्वाधिक चौका ( 2016), सर्वाधिक मैच (463), सर्वाधिक मैन ऑफ द मैच ( 62) का रिकॉर्ड सिर्फ एक ही व्यक्ति के नाम दर्ज हैं -  सचिन तेंदुलकर

 ✍️ 2. वनडे क्रिकेट में सर्वप्रथम दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के प्रथम खिलाड़ी - सचिन तेंदुलकर


✍️ 3. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक दोहरा शतक लगाने वाले खिलाड़ी - रोहित शर्मा ( 3 दोहरा शतक )


  ✍️ 4. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी के नाम दर्ज है ।
शाहिद आफरीदी ने अबतक  351 छक्का वनडे क्रिकेट में लगाया है ।


✍️ 5. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी - मुथैया मुरलीधरन ( 534 विकेट )


✍️ 6. वनडे क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले खिलाड़ी -
                                             जलालुद्दीन (सन् 1982 में)
     * अगर भारत की बात करें तो भारत की ओर से पहली हैट्रिक लेने वाले प्रथम खिलाड़ी - चेतन शर्मा ( सन् 1987 में )

✍️ 7. एक विकेटकीपर के तौर पर सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी - एडम गिलक्रिस्ट  ( 472 विकेट )


Test Records :-


✍️ 1. टेस्ट क्रिकेट में भी सर्वाधिक रन, सर्वाधिक शतक , सर्वाधिक चौका, सर्वाधिक मैच का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम ही दर्ज हैं ।

✍️ 2. टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में सर्वाधिक रन का रिकार्ड वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा के नाम दर्ज है ।
ब्रायन लारा ने साल 2004 में  इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में अबतक के सर्वाधिक 400 रन की नाबाद पारी खेली थी ।


✍️ 3.टेस्ट क्रिकेट सर्वाधिक 800 विकेट लेने का रिकॉर्ड श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के नाम दर्ज हैं ।
 * सर्वाधिक 5 विकेट (67 बार) और सर्वाधिक 10 विकेट (22बार) लेने का विश्व रिकॉर्ड भी इन्हीं के नाम दर्ज हैं।

✍️ 4. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक औसत से रन बनाने वाले खिलाड़ी -  सर डॉन ब्रैडमैन ( 99.94 )

* एक सिरीज़ में सर्वाधिक रन (974) और सर्वाधिक दोहरा शतक (12) भी इन्हीं के नाम दर्ज हैं ।

तो ये थे कुछ अंतराष्ट्रीय क्रिकेट रिकॉर्ड जो मैंने इस पोस्ट में शामिल किया हुआ है । हालांकि, मैंने क्रिकेट के हर रिकॉर्ड को इसमें शामिल नहीं किया है पर अगले पोस्ट में कोशिश करूंगा कि पोस्ट को और विस्तार से लिखूं  ।
तो पोस्ट कैसी थी मुझे comment Box में लिखकर जरूर बताएं ।
                                              written By

                                             Lakshman Tudu




एक बस कंडक्टर से लेकर IAS officer बनने तक का सफ़र

 जहां चाह, वहां राह 

 कहते हैं ना....कि जब आदमी का हौसला बुलंद हो तो उनके आगे बड़ी-बड़ी मंजिलें भी घुटने टेक देती है ।
भारत देश में हमेशा से ही एक से बढ़कर एक प्रतिभाशाली व्यक्तियों ने जन्म लिया और वे संसाधनों के अभाव में पलकर भी न सिर्फ अपने समाज को गौरवान्वित किया बल्कि पूरे देश को अपने "प्रतिभा" का लोहा मनवाया है।
मैं आज वैसे ही मजेदार Topic लेकर आप सबके बीच आया हूं, जो आप सबको बहुत ही ज्यादा पसंद आयेगी और खास बात यह है कि इनकी जीवनी आपको कुछ कर गुजरने के लिए प्रेरित करेगी ।।।
देश की सबसे प्रसिद्ध और सबसे प्रतिष्ठित रुतबेदार नौकरशाह  बनना हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका भी बेटा बड़ा होकर IAS Officer बनकर देश की सेवा करें।
 हर  मां-बाप अपने बच्चों के उन  सपनों  को उस मुकाम तक  पहुंचाने के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं.....????
जो खर्च उठा सकते हैं वह महंगी से महंगी coaching classes Join करते हैं और जो खर्च नहीं उठा सकते वह अपने दम पर किस्मत आजमाते हैं....।।।
उनमें से एक हैं  MADHU NC जो कर्नाटक के मंड्या के एक छोटे से गांव मालवल्ली के रहने वाले हैं ।
Madhu NC हाल ही में हुए UPSC EXAM  में सफलता हासिल की है । वह 19 साल के थे जब उन्होंने स्कूली शिक्षा खत्म करने के बाद कंडक्टरी शुरू की । वह नौकरी के
साथ-साथ ग्रेजुएशन और पोस्टर ग्रेजुएशन की शिक्षा डिस्टेंस से की है और उन्होंने पालिटिकल सांइस से मास्टर डिग्री भी कर ली है । जब उसने UPSC की मुख्य परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की तब उसे खुद पर भी यकीन नहीं हो पा रहा था कि उसने इतनी बड़ी सफलता अर्जित की है । वह कहते हैं कि " मेरे माता-पिता को यह नहीं पता कि मैंने कौन-सी परीक्षा पास की है ।" पर वह मेरे परिणाम से बेहद खुश हैं ।
आगे वह कहते हैं कि वह अपने परिवार के एकमात्र पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं ।

अपनी BOSS शिखा जैसी बनना चाहता है वो

मधु बताते हैं कि वह हर दिन 8 घंटे तक कंडक्टरी करते हैं । शायद आप सब जानते ही होंगे कि कंडक्टरी वाला काम कितनी मुश्किल भरी होती है । दिन भर भीड़ भरी यात्रियों के बीच इधर-उधर फिरते हुए टिकट काटना आसान नहीं होती है और इसमें बहुत मेहनत भी रहती है जो शरीर को थका देने वाली होती है। वह अपने प्रेरणा स्रोत सी शिखा ( BMTC के मैनेजिंग डायरेक्टर) को मानते हैं और उन्हीं की तरह वह भी आगे UPSC की इन्टरव्यू क्लियर करने के बाद सफल  IAS officer बनना चाहता है ।

फेल होकर भी उसने कभी हार नहीं मानी...

इससे पहले उसने साल 2014 में कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा भी दी थी पर उसमें उसे सफलता नहीं मिली थी । इसके अलावा उन्होंने साल 2018 में  UPSC की परीक्षा भी दी थी पर उस वक्त वह प्रारंभिक परीक्षा में ही सफल नहीं हो सके थे । 
इतना कुछ होने के बावजूद भी वह कभी हार नहीं माना बल्कि खुद को और मजबूत बनाया ।
वह रोज़ सुबह 4 बजे उठता था और किताबों को पढ़ता था और फ़िर वह लगभग 5 घंटे की अध्ययन के बाद अपने काम पर निकल जाया करते थे और शाम में आकर वह उन पढ़े हुए चीजों को फ़िर से Revision करते थे ।
इस तरह वह अपने सपनों के साथ-साथ अपने घरवालों की भी मदद कर रहे थे ।
मधु के अनुसार उसने कोई कोचिंग संस्थान ज्वाइन नहीं की बल्कि उसने UPSC के लिए अपने वरिष्ठ साथियों और  Internet का सहारा लिया ।

आगामी 25 मार्च 2020  को उनका इंटरव्यू है :-

UPSC ने अपनी बेवसाइट पर आधिकारिक तौर पर इंटरव्यू की तिथि की घोषणा कर दी है जो 17 फरवरी से लेकर 3 अप्रैल  2020 तक चलेगी और इसमें कुल 2304  उम्मीदवारों की‌ इंटरव्यू ली जायेगी ।
उनमें से मधु का इंटरव्यू 25 मार्च 2020 को है और उसके लिए मधु की सहायता BMTC के मैनेजिंग डायरेक्टर और पूर्व IAS  offices सी शिखा उन्हें गाइड कर रहे हैं ।।
आशा है कि वह "इंटरव्यू" की कठिन कड़ी को भी पार कर लेंगे ।
तो आप सबको को कैसी लगी इनकी जीवनी comment Box में जरूर बताएं ।।

बुधवार, 25 दिसंबर 2019

Jharkhand Assembly Election results-2019 // झारखंड विधानसभा चुनाव-2019 का नतीजा

  झारखंड में एक नया सबेरा का उदय

  JMM महागठबंधन सरकार की BJP पर बहुत बड़ी 

  इतिहासिक जीत




 नमस्कार दोस्तों...!!! 

 मैं आज अपने विषय की शुरुआत ऐसी Topic से करने जा रहा हूं जहां विवाद की कड़ी बहुत ज्यादा होती है पर मेरा ये लेख का मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं है बल्कि उन सच्चाई को या उन खामियां को उजागर करने की है जो पिछली सरकार यानी BJP सरकार ने झारखंड की जनता के साथ की है.....!!!


हाल ही में झारखंड विधानसभा चुनाव-2019 के नतीजे सामने आ ग‌ए हैं जिसका सबको बेसब्री से इंतजार था और
ये इंतजार सुबह के उगते हुए सूरज के साथ शुरू होकर शाम के ढलते हुए सूरज के साथ सुखद भरी और इतिहासिक रूप से सम्पन्न हुई ।

23 दिसंबर की सुबह हर झारखंड वासियों के लिए सबसे खास दिन थी क्योंकि विधानसभा चुनाव के नतीजे जो आने थे। उस दिन सुबह 8 बजे के पहले से ही लोगों की नजरें घर की TV Screen पर टिकी हुई थी ताकि उन्हें पल-पल की
ख़बरें मिलती रहे और ये नजरें न सिर्फ बेरोजगार नौजवानों तक ही सीमित नहीं थी बल्कि उसके साथ-साथ बूढ़े-बुजुर्ग, महिला, किसान, मजदूर, पारा शिक्षक, सरकारी सहकर्मी भी थे जो शायद इस उम्मीद के साथ बैठे थे कि कोई तो होंगे जो उनके "हितों" की  बात  करेंगे  और  उन्हें  उनका  "अधिकार"
दिलायेंगे  ।
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि सरकारी विद्यालय के नन्हे बच्चों की टोली भी इसमें शामिल थे और आज वो अपने मनपसंद टिवी चैनलों की मांग नहीं कर रहे थे भले ही वो कभी

 "Tom & Jerry",  "Chhota Bhim" जैसी कार्टून चैनलों के लिए कभी रोते थे पर आज सब शांत थे शायद उन्हें भी इंतजार था अपने होने वाले नये "मुख्यमंत्री" के नये चेहरों का क्योंकि शायद इस "नन्हे से दिल" को भी कहीं ना कहीं BJP सरकार के द्वारा गांव में वर्षों से बंद पड़े विद्यालयों से इतराज हों और शायद यही कारण है कि आज ये नन्हे भी अपने बंद पड़े विद्यालयों के फिर से खुलने की आस लगाए बैठे हों ।।

यहां सभी वर्गों की "आकांक्षाएं" अलग-अलग थी पर सबके विचार एक ही जैसे थे क्योंकि सब "बदलाव" चाहते थे...।।।


वैसे तो  झारखंड राज्य को खनिजों से सम्पन्न राज्य माना जाता है पर आज भी राज्य की स्थिति सुधरी नहीं है।।।
इस राज्य को बिहार से अलग हुए  19वां वर्ष बीत गया है फिर भी ये शिक्षा, स्वस्थ, विकास, रोजगार आदि के मामलों में दूसरे राज्यों की तुलना में अब भी बहुत पीछे चल रही है ।।
 ये बातें एक खनिज सम्पदा राज्य के लिए बहुत कष्टदायक
सिद्ध होती  है ।।
इसलिए हर झारखंड वासी एक बदलाव चाहते थे क्योंकि हरकोई आनेवाले दिनों में झारखंड को श्रेष्ठतम राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते हैं ।।
हर कोई यही चाहते थे कि उनके आने वाले सरकार उनका कोई अपना हो, जनता की सुनने वाला, स्थानीयता को प्राथमिकता देने वाला और  जनता की हर"आकांक्षाओं" में खरा उतरने वाला होना चाहिए  ।।

उस वक्त चारों ओर के नजारे देखने लायक थी क्योंकि वातावरण शांत और मौन थी ...... वहां " धड़कनों" के सिवा किसी की नहीं चल रही थी  कुछ पल के लिए  तो मानों ऐसे लग रहा था  जैसे  मैं कहीं  अलग दुनिया में आ तो नहीं गया हूं ।


पर जैसे-जैसे वक्त का पहिया बढ़ता गया ठीक वैसे ही लोगों की धड़कनें भी तेज़ होती गयी खासकर पार्टी उम्मीदवारों की जो किसी पार्टी के एक उम्मीदवार के रूप में खड़े थे।




और  जैसी ही वोटों  की गिनती शुरू  हुई  उम्मीदवारों की धड़कनें भी उसी रफ्तार से करवटें लेने लगी और उसके
साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की
भीड़ उन करवटों को  ढ़ोल - नगाड़ों, पटाखों  की गुजों के माध्यम से धीरे-धीरे एक नये रुप दे रहे थे।।
शाम की ढलती सूरज के साथ तस्वीरें पूरी तरह से साफ हो चुकी थी और सबको अपनी मनपसंद नये  मुख्यमंत्री के चेहरे की एक झलक देखने को मिल चुकी थी और यही कारण है कि हर किसी  के थकान भरी चेहरों में भी एक "सुकुन" के पल साफ-साफ झलक रही थी और जिन्हें बयां करने की जरूरत नहीं है मानों ऐसे लग रहा था कि जैसे लोगों को फिर से नयी जिन्दगी मिल गयी हों  ।।
एक ओर जहां चुनाव परिणाम आने के बाद जीत की खुशियां मनाई जा रही थी तो वहीं  दुसरी ओर हार के ग़म में  मातम मनाया जा रहा था ।।।

हालांकि, ये "हार और जीत" तो हमेशा होती रहती ही है क्योंकि ये भी चुनाव का ही एक हिस्सा हैं ।।

लेकिन फिर  भी  एक बात तो पूर्ण रूप से साफ हो गया है  इस  2019 के विधानसभा चुनाव परिणाम से कि सबको अपनी-अपनी करनी का फल मिल चुका था जिसने जैसे बोया था वैसे ही काटा..... किसी ने ठीक ही कहा है जैसे करोगे वैसे ही भरोगे।।

जहां एक ओर श्री हेमंत सोरेन और श्री सरयू राय जैसे बड़े उम्मीदवार अपने-अपने पार्टी के लिए मिल का पत्थर साबित होते हैं या यूं कहें कि वह उगते हुए सूरज बनकर उभरते हैं क्योंकि उसने जनता के लिए अच्छे "कर्म" किए थे जो आज उसे उसका सुखद परिणाम मिला  ।।

वहीं दूसरी ओर प्रथम गैर आदिवासी मुख्यमंत्री का दर्जा पाने वाले श्री रघुवरदास को अपने बुरे किए कर्म के अनुसार अपने कुर्सी भी गंवानी पड़ी ।।
उसके साथ-साथ BJP के बड़े-बड़े दिग्गज नेता भी अपनी कुर्सी को बचाने में नाकाम रहे।।
(जैसे:-  श्री दिनेश उरांव, श्री कुणाल षाड़ंगी आदि)

BJP सरकार की हार  के प्रमुख कारण:-

1. CNT-SPT ACT.  संशोधन विधेयक  बिल जबरन पास करना जिसके तहत आदिवासियों को अपने जल, जंगल और जमीनों के अधिकारों से बेदखल किया गया।

* इसी ACT. के तहत गोड्डा में किसानों के साथ अत्याचार किया गया उनकी लहलहाती फसलों को JCB machine
से रौंदवाया गया। ।।।
* इसी ACT. के तहत झारखंड राज्य के 33,000 से ज्यादा आदिवासी और दलित वर्ग बेदखल होने के कगार पर हैं ।।

2. राज्य की स्थानीयता को प्राथमिकता ना देना ।

   * राज्यों के प्रमुख स्थानीय मुद्दों को नजर‌अंदाज    

      करना ।।

 ( जैसे:- शिक्षा, स्वस्थ, सिंचाई, विकास आदि)

3. रोजगार देने में असक्षम

 * पांच सालों में एक स्थिर सरकार होने के बावजूद
    नौजवानों को रोजगार देने में असक्षम ।

4. लगभग प्रत्येक गांवों के विद्यालयों को जबरन बंद किया गया परन्तु शराब  की बड़ी-बड़ी  कम्पनियां आज भी खुलेआम शराब बेच रही है ।।।

इससे आप झारखंड के सरकारी विद्यालयों के Education system के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं कि BJP सरकार गांव के Education system पर कितनी ध्यान रखते हैं।

5. उच्च शिक्षा हेतु बाहर पढ़ रहे गरीब विधार्थियों के

"SCHOLARSHIP" बंद करवाना ।।


6. किसानों को सही सुविधा मुहैया ना कराना ।।


7. पारा शिक्षकों को उनकी अधिकार ना दिलाना ।।


8. हाल ही में महिला सेविकाओं पर HITLER

जैसी वारताव करना और उनपर पुलिस प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज करवाना ।।

चुनाव परिणाम आने के बाद BJP को अपनी किए पर पछतावा हो रही थी क्योंकि वह JMM महागठबंधन की सरकार से बहुत बड़ी अंतर से हार गई थी।
पर अब पछताये क्या होत है, जब चिड़िया चुग गई खेत।।।।

जहां JMM महागठबंधन सरकार को कुल 47 सीटें प्राप्त हुई जो पूर्ण बहुमत के आंकड़ों से 6 सीटें ज्यादा थी तो वहीं BJP को 25 सीटें, आजसू को  2 ,JVM को 3 और
अन्य को 4 सीटें प्राप्त हुई ।।।

हालांकि, देर से ही सही पर सही वक्त पर झारखंड की जनताऔं ने BJP सरकार को बहुत बुरी तरह से सबक सिखायी है ।।।
लगता है अब झारखंड की जनता धीरे-धीरे  "जाग" रही है और प्रगति के पथ पर बढ़ रही है भले ही देर से सही पर ये आने वाले पीढ़ी के लिए एक बहुत अच्छा संकेत दे रही है  ।।।
कहते हैं ना कि हर बड़ी सपनों की शुरुआत हमेशा एक छोटी  सी कोशिशों से ही शुरू होती है ।।
मैं अंत में झारखंड की तमाम जनताओं को चुनाव परिणाम के लिए बधाई देता हूं और उनकी हर उम्मीदें को नये JMM महागठबंधन सरकार पूरी करे उसके लिए शुभकामनाएं देता हूं  ।।

मुझे आशा है कि आप सबको मेरी post पसंद आयी होगी....
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Motivation मिलता रहे  ।।

                                    written By

                                         Lakshman Tudu



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