रविवार, 5 अप्रैल 2020

प्राकृतिक की खूबसूरत दुनिया में

प्राकृतिक की खूबसूरत दुनिया में




शाम हो चली थी, सभी पक्षियां अपने-अपने घौंसला की ओर लौट रही थी । सूरज की लालिमा धीर-धीरे अंधेरों में विलीन हो रही थी और सूरज खुद पहाड़ों की वादियों में छुपती जा रही थी मानो वह आखिरी बार अलविदा कह कर जा रहा हो...... दूर खेलते बच्चों की किलकारियां अब थोड़ी-सी मंद पड़ गई थी शायद अब वह भी अपने-अपने घरों की ओर प्रस्थान कर चुके थे।

अब बारी थी बहती हवाओं की जो शायद वह भी अपनी ही बारी की इंतजार में थी और मंद-मंद मुस्कराते हुए खुबसूरत फूलों को छूकर निकल जाती है और अपने साथ फूलों की मनमोहक खुशबुओं को साथ लेकर आसपास के वातावरण में बांटती फिरती है । ऐसा लग रहा था मानो जैसे वह उस खूबसूरत खुशबुओं वाली फूलों के "अच्छे गुणों" के बारे में अपने आस-पड़ोस के लोगों को बता रही हो ।

और जहां "अच्छे गुण" हों वहां भीड़ लगनी तो लाजमी ही थी शायद यही वजह है कि अब भी वहां पर सैंकड़ों तितलियां-भौंरा और चिंटियों की भीड़ लगी हुई थी ।
एक दिलचस्प बात यह भी थी कि वहां पर गिलहरियों की एक छोटी-सी टोली भी दिख रही थी जो एक खूबसूरत और सुखी परिवार होने  की मिसालें  दे रही थी । वहां पर मौजूद हजारों
चिटियां लगातार अपने कामों में व्यस्त थी और वह मिलजुलकर उस काम को करने में जुटी हुई थी और जैसे-जैसे समय बितता जाता वैसे ही वह अपने कामों की रफ्तार को और बढ़ाने की कोशिश करते मानो वह आज के काम को कल के रूप में नहीं टालना चाहते हों ।
चिंटियों की अपने कामों के प्रति अटल निष्ठा और एकता वाली गुण मुझे बहुत ज्यादा पसंद आया ।

मैं घर के बाहर एक ऊंची चट्टान पर बैठकर ये सब नजारा देख रहा था और मन ही मन मैं अपने आप पर मुस्करा रहा था कि कितनी अजीब है ये दुनिया सब पलभर के लिए आते हैं और अपने-अपने कर्म करके वापस लौट जाते हैं इस झूठे उम्मीद के साथ कि फिर कल वापस आयेंगे ।

लेकिन सच कहूं तो आज मैंने प्राकृतिक की लिलाओं से बहुत कुछ सीखा जो मन में एक गहरी छाप छोड़ दी थी और मुझे एक अच्छे *इंसान* बनने के लिए प्रेरित कर रहे थे जो कभी मैंने किताबों से नहीं सीखा था वह आज मैं अपने आंखों के सामने हूबहू देख रहा था ।

काश !
हम सभी मानव भी लोभ, लालच, छल-कपट की भावनाओं को त्याग कर प्यार, एकता, मानवता की गुण अपनाकर इनकी तरह जीना सीखें तो कितना अच्छा होता ।
शायद, आज *मानवता* के गुण-गान हर जगह होती और हर कोई इसके समान भागीदार बनते ।

मैं आगे सोच ही रहा था कि मां की आवाज़ आ जाती है :- बेटा ! वहां क्या कर रहे हो ????
देखो बाबूजी काम से आ गये हैं ।
फिर मैं आ रहा हूं मां कहकर अपने घरों की ओर चल पड़ा ।

घर पहुंचकर मैं अपने पापा से मिला फिर ध्यान मग्न होकर अपने पढ़ाई पर जुट गया ।
पर आज मैं सच में बहुत खुश था क्योंकि मेरा मन शांत और प्रफुल्लित होकर खिल रहा था शायद वर्षों बाद मैंने फिर से अपने आप को "अपनी खूबसूरत दुनिया" में जो पाया है ।


तो ये थे दोस्तों मेरे post ....... और हां Comment Box में जरूर बताना आप सबको कैसे लगी मेरी ये post ताकि मैं इस तरह के post हमेशा आपलोगों के लिए लिखता रहूं ।
                                               
                              ‌                 written by
                                       Lakshman Tudu

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

Nobel prize /नोबेल पुरस्कार




नोबेल पुरस्कार 2019-20

यह पुरस्कार स्वीडेन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को उनकी पुण्यतिथि के मौके पर दिया जाता है ।

क्यों और किसके लिए दिया जाता है ?

यह पुरस्कार उनकी मृत्यु के पश्चात मिली वसीयत के अनुसार
विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु दिया जाता है ।


अल्फ्रेड नोबेल के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

   नाम :- अल्फ्रेड बर्नाहार्ड नोबेल
   जन्म:- सन् 1833 ई० में
   मृत्यु :- 10 दिसंबर 1896
   कार्य:- ( वैज्ञानिक और केमिकल इंजीनियर)
प्रमुख खोज :- डायनामाइट

✍️ Note :- वर्तमान में यह पुरस्कार छ: विषयों में दिया जाता है।
हालांकि, इससे पहले यह पुरस्कार पांच विषयों में दिया जाता था परन्तु सन् 1967 ई० में अल्फ्रेड नोबेल के 300वीं वर्षगांठ
के उपलक्ष्य पर " अर्थशास्त्र" को भी इस सूची में शामिल किया गया ।


1st Nobel prize 1901

* नोबेल पुरस्कार के सर्वप्रथम विजेता 

 विषय                            विजेता                                    
 1. भौतिक  -  Wilhlem Cornard Rontgen
But
2. रसायन  -  Jacobus Henricus Van't Hoff

3. चिकित्सा -  Emil Von Behring

4. साहित्य -  Sully Prodhomme

5. शांति -    Jean Henry Durant And Frederic 
                                                              pessy

6. अर्थशास्त्र - Ragnar Frisch ( 1969 में यह पुरस्कार आफिशियली तौर पर पहली बार दिया गया था । )

नोबेल पुरस्कार विजेता प्रथम भारतीय


     विषय           विजेता           साल    कार्य / खोज हेतु

1.   साहित्य     रवीन्द्र नाथ टैगोर   1913      गीतांजलि  


2. रसायन       सी०वी० रमन        1930      रमन प्रभाव

3. चिकित्सा    हरगोविंद खुराना    1968      कृत्रिम जीन


4.  शांति       मदर टेरेसा             1979       समाज सेवा


 5. भौतिक   सुब्रमण्यम चन्द्रशेखर 1983    चन्द्रशेखर सीमा

6. अर्थशास्त्र  अमर्त्य सेन             1998       कल्याणकारी                                                                  अर्थशास्त्र


Note :- कुछ अन्य भारतीय जिन्हें यह पुरस्कार प्राप्त है वी० एस० नायपॉल को साहित्य के क्षेत्र में , वेंकटरमण रामकृष्णन को रसायन के क्षेत्र में, कैलाश सत्यार्थी को "बचपन बचाओ अभियान" के तहत शांति के क्षेत्र में यह पुरस्कार मिला है।
✍️अगर हाॅलही की बात करें तो सन् 2019 में अभिजीत बनर्जी को भारत की ओर से शांति के क्षेत्र में यह पुरस्कार दिया गया है ।


दो बार नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्ति


1. मैडम क्यूरी - सन् 1903 ई० में रेडियो सक्रियता
 ( भौतिक) की खोज के लिए और सन् 1911 में रेडियम (रसायन) की खोज के लिए ।

2. वीनस पाॅलिंग 

3. जाॅन  बारडीन 

4. फ्रेडरिक सेंगर 








नोबेल पुरस्कार 2019-20 के विजेता



                              
                 

1. भौतिक :-                            



 * जेम्स पीबल्स   - ब्रह्मांड विज्ञान पर नये  सिध्दांत रखने हेतु इन्हें भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया ।

               
* माइकल मेयर और  * डिडियर क्वेलोज -  इन्होंने सौरमंडल से परे एक और अन्य ग्रह की खोज की जिसके कारण उन्हें संयुक्त रूप से भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया है ।



2. रसायन :-   


  रसायन विज्ञान के क्षेत्र में इस बार तीन व्यक्तियों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है:-
 (* जाॅन बी गुड‌इनफ  * एम स्टेनली व्हिटिंगम * अकीरा योशिनो ) इन्हें लिथियम-आयन बैटरी बनाने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है ।


3. चिकित्सा :-  

   इस बार चिकित्सा के क्षेत्र में भी तीन व्यक्तियों को नोबेल पुरस्कार दिया गया है :-
(* विलियम कैलीन * ग्रेग सीमेंजा * के० पीटर रैटक्लिफ )
इन्होंने कोशिकाओं में जीवन और आक्सीजन को ग्रहण करने में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया था जिसके लिए इन्हें संयुक्त रूप से चिकित्सा के क्षेत्र में यह पुरस्कार मिला है ।


4. साहित्य :-

 पीटर हेंडके को इस बार साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।



5. शांति :- 

इस बार शांति के क्षेत्र में इथोपिया के प्रधानमंत्री एबे अहमद अली को दिया गया जो शांति का नोबेल पुरस्कार पाने वाले 100वें व्यक्ति हैं ।


6. अर्थशास्त्र:-

इस बार अर्थशास्त्र के क्षेत्र में तीन व्यक्तियों को यह सम्मान दिया गया है :-
(* अभिजीत बनर्जी * एस्थर डुफ्लो * माइकल क्रेमर)
इन्होंने "वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग" पर शोध किया था जिसके लिए इन्हें संयुक्त रूप से अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिया गया ।




कुछ प्रमुख तथ्य :-



1. सन् 1937, 1938,1939, 1947, एवं 1948 में गांधी जी का नाम नोबेल पुरस्कार के लिए नामित हुआ था शांति के क्षेत्र में अटूट और अनमोल योगदान के लिए परंतु दुःख की बात है कि उन्हें कभी यह सम्मान नहीं प्राप्त हुआ ।

2. अबतक के आंकड़ों के अनुसार मलाला यूसुफजई (17) को सबसे कम उम्र में और लियोनिद हरक्विज (90) को सबसे अधिक उम्र में यह पुरस्कार प्राप्त है ।

3. मरणोपरांत नोबेल पुरस्कार दो व्यक्तयों को प्राप्त है :-  सन् 1931 ई० में एरिक एक्सेल कार्लफल्डट को और सन् 1968 में डैम हैमरसोल्ड को ।


4. रेड क्रॉस संस्था को 3 बार  शांति का नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है । ( 1917, 1944, 1963)


तो ये थे कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जो मैंने आप सबके बीच Share किया.....तो Comment Box में जरूर बताएं कि आप सबको कैसे लगी मेरी ये post.

                                             Written By

                                         Lakshman Tudu

गुरुवार, 26 मार्च 2020

corona virus// CoViD -19// करोना वायरस

करोना वायरस की चपेट में आयी पूरी दुनिया


आज पूरे विश्वभर में लोग एक ही बीमारी से परेशान हैं और वो हैं "CoViD-19" जो इटली,चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे बड़े-बडे़ राष्ट्रों को भी हिलाकर रख दिया है जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की तुलना में काफी बेहतर माने जाते हैं ।

इनसे संक्रमित लोगों की संख्याएं दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है और कहीं घटने का नाम ही नहीं ले रही है ।
विश्वभर की तमाम वैज्ञानिकों और डाक्टरों की कोशिशें लगातार जारी है ताकि इस वायरस को जल्द से जल्द अपने काबू में लाया जा सके परन्तु बड़ी दुःख की बात है कि उनकी हर कोशिशें "कोरोना वायरस" के आगे नाकाम साबित हो रही हैं। हालांकि, एक अच्छी खबर यह भी है कि कोई जगहों पर इस वायरस के कारण इलाजरत लोगों को डाक्टरों के माध्यम से बचाया भी जा चुका है परंतु बड़े स्तर पर देखा जाए तो अब भी सम्पूर्ण रूप से इस वायरस पर काबू नहीं किया गया है ।
और अंततः WHO (world Health Organization)
ने भी वेबस होकर इस वायरस को 11 मार्च 2020 को महामारी घोषित कर दिया है। 

  तो इनसे ही आप सब अंदाजा लगा सकते हैं कि
 "करोना वायरस" वास्तव में कितनी भयंकर हैं जो लोगों को घरों के अंदर "कैद" होकर रहने पर मजबूर कर दी है ।

तो चलिए, जानते हैं कि आखिर "करोना वायरस" है क्या???

और हां, मैं इस post के Last में आप सबको "करोना वायरस" से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न भी बताऊंगा जो आपके आने वाले हर Govt. exam में इनसे प्रश्न पूछे जाने की बहुत ज्यादा संवभनाएं हैं ।




करोना वायरस क्या है ?

करोना वायरस एक प्रकार का ऐसा वायरस है जो इंसानों के साथ-साथ जानवरों को भी बीमार कर सकता है ।
यह एक RNA वायरस है जो किसी भी शरीर में प्रवेश पाकर उनमें कोशिकाओं के रूप में टूट जाता है और उनका उपयोग खुद को पुनः उत्पन्न करने के लिए करता है ।
इसकी खोज सर्वप्रथम सन 1960 ई० में की गई थी ।

हाल ही में चीन के वुहान शहर के हुब‌‌ई प्रांत में पाए गए "करोना वायरस" विश्व भर में पहली बार देखा जा रहा है, इससे पहले इस तरह की वायरस कभी नहीं देखा गया था ।

इसलिए, इस वायरस का नाम "Novel Corona Virus"-19/ SARS CoV-2 रखा गया है ।

वैज्ञानिकों के अनुसार CoViD-19 बीमारी चमगादड़ से फैली है क्योंकि एक परीक्षण के मुताबिक इस वायरस की 94% to 96%  लक्षण चमगादड़ से मिलती है ।


क्यों पड़ा इस वायरस का नाम करोना???

करोना शब्द का तात्पर्य है ताज या मुकुट
अर्थात जब करोना वायरस को एक इलेक्ट्रा‌ॅन माइक्रोस्कोप के माध्यम से देखा जाता है तब उनके वायरस कणों के मुकुट की तरह दिखने लगते हैं इसलिए इसका नाम "करोना" रखा गया है।



करोना वायरस के प्रकार :-

करोना वायरस मुख्यत: सात प्रकार के होते हैं

1. Human Coronavirus 229E ( HCoV-229E)

2. Human Coronavirus OC43 ( HCoV-OC43)

3. New Heaven Coronavirus  ( HCoV- NL63)

4. Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus  ( SARS-CoV)

5. Human Coronavirus ( HKU1)

6. Middle East-Respiratory Syndrome Coronavirus ( MERS- CoV)

7. Novel Coronavirus ( nCoV-19)
 / SARS CoV-2

करोना वायरस के प्रमुख लक्षण :-

जब किसी इंसान के शरीर में जैसे ही करोना वायरस का संक्रमण होता है तो सबसे पहले यह वायरस उस व्यक्ति के फेफड़ों को संक्रमित करता है और यही वजह है कि सबसे पहले व्यक्ति को बुखार , उसके बाद सूखी खांसी, सर्दी-जुकाम और बाद में सांस लेने में तकलीफें जैसी लक्षण देखने को मिलती है ।




करोना वायरस से बचने के उपाय

हाॅलांकि, इस वायरस से बचने के लिए वर्तमान में वैसे कोई टीकाकरण या दवाई विश्वभर में मौजूद नहीं है जिनसे इनकी पूर्ण रूप से रोकथाम की जा सके परन्तु इनपर भी वैज्ञानिक रिसर्च चल रही है शायद आनेवाले दिनों में हमें बहुत ही जल्द इनके सफल टीकाकरण देखने को मिल सकती है ।

फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कुछ बातें बताई है जिनको अमल में लाकर भी इस वायरस के संक्रमित होने या और अधिक फैलने से बचा जा सकता है :-

1. बार -बार अपने हाथों को साबुन से धोएं ।

2. एल्कोहाॅल आधारित हैंड रब या मास्क का इस्तेमाल करें ।

3. खांसते या छींकते वक्त अपने नाक को रूमाल या टिश्यू पेपर से ढंककर रखें या सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें ।

4. जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे हमेशा दूरी बनाकर रखें ।

5. अंडे और मांस के सेवन करने से बचें ।

6. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें ।

7. भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में रहने से बचें और हो सके तो ज्यादातर समय अपने घरों के अंदर बिताएं परंतु ध्यान रहे उनमें भी ज्यादा भीड़ न हों ।


और हां, भारत सरकार ने भी जनताओं की मदद के लिए एक नंबर जारी की है जिनपर करोना वायरस के लक्षणों की आशंका होने पर तत्काल कंट्रोल रूम पर संपर्क की जा सकती है । फोन नंबर है
 - 011-23978046 जहां  स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है ।




CoViD-19 ( करोना वायरस) से संबंधित अति महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर:-


✍️ 1. सर्वप्रथम  CoViD-19  चीन के वुहान शहर के किस प्रांत में पाया गया था ?

- हुब‌ई 


✍️ 2. SARS CoV का विस्तार रूप - severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus


✍️ 3. MERS -CoV का विस्तार रूप - Middle East Respiratory Syndrome Coronavirus


✍️ 4. Corona Virus की सर्वप्रथम खोज कब हुई थी ?

- सन् 1960 ई० में


✍️ 5. WHO का विस्तार रूप -

world Health Organization ( विश्व स्वास्थ्य संगठन)

✍️ 6. WHO का मुख्यालय  -

               जेनेवा, स्वीटजरलैंड


Note:- WHO की स्थापना 7 अप्रैल 1948 ई० को की गई थी । वर्तमान में कुल देशों की सदस्य संख्या 194 हैं ।Tedors Adhanom Ghebereyasus इस संस्था के वर्तमान महानिदेशक हैं ।


✍️ 7. WHO ने CoViD-19 को महामारी कब घोषित किया   था ?

- 11 मार्च 2020 


✍️ 8. CoViD-19 किस जीव से फैली है ?

- चमगादड़



✍️ 9. भारत में CoViD-19 से पहले मृत्यु किस राज्य में हुई
 थी ?

- कर्नाटक


✍️ 10.  CoViD-19 के वायरस का नाम -

  SARS CoV-2



✍️11. nCoV-19 ( Novel Coronavirus) का दूसरा नाम -

SARS CoV-2



✍️ 12. करोना वायरस को किस माइक्रोस्कोप की सहायता से देखा जा सकता है ?

- इलेक्ट्राॅन माइक्रोस्कोप


✍️13. करोना वायरस के प्रमुख लक्षण -

- बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफें




Note :-  SARS वायरस सन् 2002 में चीन में पहली बार फैला था जबकि MERS वायरस सन् 2012 में स‌ऊदी अरब में पहली बार फैला था ।।


तो कैसे लगी आप सबको मेरी पोस्ट कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं ।।।।



                            written By 
                                Lakshman Tudu






शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

Oscar Nominations 2020 : The complete winner List | 92nd Academy Awards

 Oscar Awards -2020// 

 ऑस्कर अवार्ड-2020


मैं आज आप लोगों को ऑस्कर अवार्ड संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दूंगा जो हर Govt. Exam में इनसे एक प्रश्न जरूर पूछ ही लिया जाता है ।
तो सबसे पहले मैं इनके इतिहासिक पन्नों पर चर्चा करूंगा इसके बाद फिर मैं 2020 के ऑस्कर अवार्ड की विजेताओं की सूची आप सबको विस्तार से बताऊंगा ।।

  


✍️ 1. ऑस्कर अवार्ड विश्व फ़िल्म जगत की सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है, जो विश्व फ़िल्म जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए  यह पुरस्कार दिया जाता है । इस पुरस्कार की शुरुआत सन् 1929 ई० में हुई थी । 
इसका आफिशियल नाम "एकेडमी अवार्ड ऑफ मेरिट" है ।

✍️ 2. यह पुरस्कार प्रतिवर्ष फरवरी माह में ह‍‌ॉलीवुड के "कोडेक थियेटर" में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाता है । यह पुरस्कार नेशनल अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा दिया जाता है ।।
प्रथम ऑस्कर अवार्ड  समारोह का आयोजन " रूजवेल्ट होटल" में किया गया था ।

पुरस्कार का निर्माण :-  इसका निर्माण काली मैटल बेस पर सोने की परत चढ़ाकर बनायी जाती है ।

ऑस्कर अवार्ड को ग्रहण करने के नियम :- इस अवार्ड को ग्रहण करने से पहले उस व्यक्ति से एग्रीमेंट करवा लिया जाता है कि वह इसे बेचेंगे नहीं और अगर बेचेंगे तो सबसे पहले 1 डॉलर एकेडमी को देनी पड़ती है ।

1st ऑस्कर अवार्ड -1929

 ✍️ Best outstanding picture :- wings


 ✍️ Unique And Artistic picture :- sunrise
    (  Film - The Last command और The way of All Flesh के लिए  )


  ✍️ Best Actor :-  Emil Jannings ( The Last command, The way of All Flesh )


  ✍️ Best Actress :- Janet Gaynor  ( 7th Heaven, Street Angel, Sunrise के लिए )


  ✍️ Best direction ( Dramatic Picture )
                   - Frank Borzage
             ( Film - 7th Heaven के लिए )

   ✍️Best Direction ( Comedy Picture ) :-
         Lewis Milestone
 ( Two Arabian Knights के लिए  )


   ✍️ Writer ( Adaptation ) :-  Benjamin Glazer  ( 7th Heaven के लिए )


 ✍️ Writer ( Original Story ) :-  Ben Hecht

                                      ( Underworld के लिए )

ऑस्कर अवार्ड में भारत 

   * पहली बार आस्कर अवार्ड के लिए नामित भारतीय फिल्म :-  मदर इंडिया, ( डायरेक्टर - महबूब खां )
 यह फिल्म सन् 1958 में ऑस्कर अवार्ड के लिए नामित हुई थी । 
  
   *  ऑस्कर अवार्ड पाने वाले प्रथम भारतीय पुरुष:- सत्यजीत रे 1992 में लाइफ टाइम अवार्ड

* ऑस्कर अवार्ड पाने वाली प्रथम भारतीय महिला :- भानु  अथैया ( कास्ट्यूम डिजाइन के लिए )
भानु अथैया ने यह कास्ट्यूम डिजाइन फिल्म " गांधी " के लिए की थी ।।


*  बेस्ट ओरिजनल सांग के लिए ऑस्कर अवार्ड पाने वाले प्रथम भारतीय :- ए० आर० रहमान एवं गुलजार ( फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर ) 

* बेस्ट ओरिजनल सांग स्कोर के लिए ऑस्कर अवार्ड पाने वाले प्रथम भारतीय :-  ए० आर० रहमान
    ( फिल्म :-  स्लमडॉग मिलेनियर )


🇮🇳 ऑस्कर अवार्ड के लिए नामित प्रमुख भारतीय फिल्में :-
   मदर इंडिया ,  सलाम बाम्बे ,  लगान , श्वास , पहेली , रंग दे बसंती , न्यूटन .....।।।

हॉलांकि, हर साल भारत की ओर से भी कोई न कोई फिल्म ऑस्कर अवार्ड की दौड़ में जगह बना लेती है परंतु फाइनल लिस्ट तक नहीं पहुंच पाती है ।।
अबतक सिर्फ तीन भारतीय फिल्में ही ऑस्कर अवार्ड की फाइनल लिस्ट तक पहुंच पायी थी और वे फिल्में हैं :-

 1.  मदर इंडिया ( 1957 ) डायरेक्टर :- महबूब खां 

 2. सलाम बाम्बे ( 1988 ) डायरेक्टर :- मीरा नायर 

 3. लगान  ( 2001 ) डायरेक्टर :- आशुतोष गोवारिकर


ऑस्कर अवार्ड - 2020 ( 92वां संस्करण )

 * इस साल ऑस्कर अवार्ड को कुल 24 केटेगरी में दिया गया जहां " 92 साल के इतिहास में पहली बार किसी विदेशी भाषा के फिल्म को बेस्ट पिक्चर का अवार्ड मिला जो इतिहास के सुनहरे अक्षरों में दर्ज हुआ ।। "


कुछ प्रमुख ऑस्कर अवार्ड के लिस्ट जो Exam के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हैं :- 

  
 1. बेस्ट फिल्म :- पैरासाइट

 2. बेस्ट एक्टर :- वाकिन फीनिक्स ( फिल्म :- जोकर )

3. बेस्ट एक्ट्रेस :- रीनि जेलवेगर ( फिल्म :- जुडी )

4. बेस्ट डायरेक्टर :-  बांन्ग जून हो  ( फिल्म :- पैरासाइट )

5. बेस्ट एनिमेटेड फिल्म :- टाय स्टोरी 4

6. बेस्ट अरिजनल सांग :- आय एम गोना लव मी अगेन
 ( फिल्म :- राकेटमैन )

7. बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइढन :- लिटिल वुमन ( जैकलीन डूरन )

 8. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रोडक्शन में बनी फिल्म  " अमेरिकन फैक्ट्री " को बेस्ट डाक्यूमेंट्री का अवार्ड मिला ।।

✍️ Note :- साल 2020 में भारत की ओर से आफिशियल ऑस्कर अवार्ड के लिए नामित फिल्म :- गली बॉय 
 ( डायरेक्टर :-  जया अख्तर )

✍️ इस साल फिल्म " पैरासाइट " को सबसे ज्यादा 4 ऑस्कर अवार्ड मिले जबकि फिल्म :- 1917 को 3 , जोकर , वन्स अपाॅन टाइम , फोर्ड vs फरारी को 2-2 अवार्ड मिले ।। 

  

कुछ प्रमुख तथ्य :- 

✍️ 1. ऑस्कर के साथ नोबेल पुरस्कार पाने वाले विश्व के एकमात्र व्यक्ति :- जार्ज बर्नार्ड 
 ( सन् 1925 में साहित्य के लिए नोबेल और सन्  1938 में बेस्ट स्क्रीन प्ले के लिए ऑस्कर अवार्ड मिला था ।। )

✍️ 2. अबतक के हुए आस्कर संस्करण में सबसे ज्यादा 
" ऑस्कर अवार्ड  " प्राप्त करने वाली फिल्म :- 
 ..... इस सूची में 3 Hollywood फिल्म हैं जिनमें सब फिल्मों ने  11 अवार्ड जीते हैं ।।।
 A. बेन हुर  ( डायरेक्टर :-  विलियम वीलर )
 B. टाॅइटेनिक  ( डायरेक्टर :- जेम्स केमरून )

 C. द लार्ड आप द रिंग : द रिटन आप द किंग  
                    ( डायरेक्टर :- पीटर जैक्सन )

✍️ सबसे ज्यादा बार " सर्वश्रेष्ठ अभिनेता "  का ऑस्कर अवार्ड जीतने वाले अभिनेता :-  जैक निकाॅलसन ( 3 बार )
     
✍️ सबसे ज्यादा बार " सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री " की ऑस्कर अवार्ड जीतने वाली अभिनेत्री :- कैथरीन हेपबर्न ( 4 बार )

तो ये थे कुछ प्रमुख ऑस्कर अवार्ड से संबंधित बातें जो मैंने अपने post के माध्यम से आप सबको Share किया.....!!!
तो  Comment Box में जरूर बताएं कि कैसे लगी मेरी ये post.....!!!

                                             ✍️ Written By

                                            Lakshman Tudu

रविवार, 16 फ़रवरी 2020

क्रिकेट का इतिहास// /history of cricket


क्रिकेट का इतिहास

(क्रिक से लेकर क्रिकेट बनने तक का सफर )


जब भी क्रिकेट की बात होती है तो सैकड़ों लोगों के जुबां पर अपने आप अपने-अपने पसंदीदा क्रिकेटर का नाम आ जाता है और ये केवल बड़े नौजवान तक ही सीमित नहीं है, आज छोटे-छोटे बच्चे से लेकर बूढ़े तक कोई भी क्रिकेट के इस "दिवानापन" से अछूता नहीं है।

गांव से लेकर शहरों तक इनका ही बोलवाला है, इनसे ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भारत में क्रिकेट का "क्रेज" कितना ज्यादा है....!!!!
तो चलिए आज मैं आप सबको क्रिकेट के प्रति दीवानापन और ये खेल कैसे एशिया महादेश में विस्तार हुआ उन बातों से आप सबको रूबरू कराता हूं....!!!





कहा जाता है कि क्रिकेट खेल की शुरुआत 16वीं शताब्दी में England में हुई थी और उस वक्त यह खेल 
Gentle man का खेल हुआ करता था यानी कि बड़े-बड़े खानदानी लोग ही इस खेल को खेल पाते थे ।
क्रिकेट शब्द की उत्पत्ति "क्रिक" शब्द से हुई थी जिसका अर्थ है "बैसाखी"/ लाठी....!!!
पहले इसे एक छोटी सी लकड़ी के सहारे खेला जाता था और उस वक्त कोई निश्चित Boundary नहीं हुआ करता था ।
पर वक्त के साथ-साथ क्रिकेट के खेल में भी उनके खेलों के उपकरणों के साथ-साथ उनके प्रारूपों में भी काफी बदलाव किए गए।

क्रिकेट का विस्तार भारत और अन्य देशों में सर्वप्रथम अंग्रेजों के द्वारा किया गया था क्योंकि उन्होंने जिन देशों पर अपनी पकड़ मजबूत की या जिन भू-भाग पर उन्होंने अपना कब्जा जमाया वहां धीरे-धीरे अपने आप क्रिकेट का विस्तार होते गया।

आधिकारिक तौर पर प्रथम क्रिकेट क्लब की स्थापना सन् 1760 के दशक में हैम्बलडन में की गई थी ।
MCC ( मेलबर्न क्रिकेट क्लब ) की स्थापना सन् 1780 में की गई थी जो क्लब के तौर पर विश्व का दूसरा क्रिकेट क्लब था ।
प्रथम अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सन् 1877 ई० में मेलबर्न में खेला गया और प्रथम वनडे क्रिकेट मैच भी आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ही सन् 1971 ई० में खेला गया था ‌।
वक़्त के साथ-साथ क्रिकेट के हर प्रारूपों में भी फेर बदल किया गया और अंततः T20, IPL, T10 जैसी छोटी प्रारूप वाली क्रिकेट की उत्पत्ति हुई है ।

क्रिकेट के कुछ प्रमुख तथ्य :-

✍️ क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था:-

 ICC ( International cricket club)

✍️ मुख्यालय :- दुबई 

✍️ वर्तमान चेयरमैन :- शशांक मनोहर (  22 नवंबर 2015 से अबतक )


* परिमाप :-
 ✍️ पिच की लंबाई :- 22 गज ( 20.11 मी०)
 ✍️ गेंद का भार :-  155 से 163 ग्राम
 ✍️ बल्ले की लंबाई :- 96.52 सेमी० (38 इंच) अधिकतम
 ✍️ बल्ले की चौड़ाई :- 10.8 सेमी० ( 4.25 इंच )                     अधिकतम
 ✍️ स्टंप की लंबाई :- लगभग 72 सेमी०
  
* क्रिकेट की प्रमुख शब्दावली :- 
    बैट्समैन, विकेटकीपर, फील्डर, एल० बी०डब्ल्यू, गेंदबाज,
    चाइनामैन, हुक, पापिंग क्रीज, सिली वांइट, कैच, 
    हिट विकेट, कवर प्वांइट, सिली प्वांइट, रन आउट, आदि ।




विश्वकप क्रिकेट

  वर्ष      आयोजक देश            विजेता           उपविजेता


* 1975 - इंग्लैंड                    वेस्टइंडीज      आस्ट्रेलिया    


* 1979 - इंग्लैंड                   वेस्टइंडीज          इंग्लैंड       


* 1983 - इंग्लैंड                     भारत             वेस्टइंडीज   

1987-  भारत,                  आस्ट्रेलिया          इंगलैंड     
     पाकिस्तान

* 1991- आस्ट्रेलिया,               पाकिस्तान          इंग्लैंड     
              न्यूजीलैंड

* 1996 -  भारत, श्रीलंका           श्रीलंका        आस्ट्रेलिया  
            पाकिस्तान

1999 - इंग्लैंड                      आस्ट्रेलिया        पाकिस्तान

* 2003 - द० अफ्रीका            आस्ट्रेलिया            भारत    

* 2007 - वेस्टइंडीज              आस्ट्रेलिया           श्रीलंका   

* 2011 -  भारत, श्रीलंका,         भारत               श्रीलंका  
         बांग्लादेश

* 2015 - आस्ट्रेलिया,               आस्ट्रेलिया       न्यूजीलैंड  
             न्यूजीलैंड

* 2019 - इंग्लैंड                         इंग्लैंड           न्यूजीलैंड  
 



क्रिकेट के कुछ अंतराष्ट्रीय रिकार्ड :-

ODI RECORDS :-

  ✍️ 1. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक शतक (49), सर्वाधिक रन (18426), सर्वाधिक चौका ( 2016), सर्वाधिक मैच (463), सर्वाधिक मैन ऑफ द मैच ( 62) का रिकॉर्ड सिर्फ एक ही व्यक्ति के नाम दर्ज हैं -  सचिन तेंदुलकर

 ✍️ 2. वनडे क्रिकेट में सर्वप्रथम दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के प्रथम खिलाड़ी - सचिन तेंदुलकर


✍️ 3. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक दोहरा शतक लगाने वाले खिलाड़ी - रोहित शर्मा ( 3 दोहरा शतक )


  ✍️ 4. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड पाकिस्तान के शाहिद आफरीदी के नाम दर्ज है ।
शाहिद आफरीदी ने अबतक  351 छक्का वनडे क्रिकेट में लगाया है ।


✍️ 5. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी - मुथैया मुरलीधरन ( 534 विकेट )


✍️ 6. वनडे क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले खिलाड़ी -
                                             जलालुद्दीन (सन् 1982 में)
     * अगर भारत की बात करें तो भारत की ओर से पहली हैट्रिक लेने वाले प्रथम खिलाड़ी - चेतन शर्मा ( सन् 1987 में )

✍️ 7. एक विकेटकीपर के तौर पर सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी - एडम गिलक्रिस्ट  ( 472 विकेट )


Test Records :-


✍️ 1. टेस्ट क्रिकेट में भी सर्वाधिक रन, सर्वाधिक शतक , सर्वाधिक चौका, सर्वाधिक मैच का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम ही दर्ज हैं ।

✍️ 2. टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में सर्वाधिक रन का रिकार्ड वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा के नाम दर्ज है ।
ब्रायन लारा ने साल 2004 में  इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में अबतक के सर्वाधिक 400 रन की नाबाद पारी खेली थी ।


✍️ 3.टेस्ट क्रिकेट सर्वाधिक 800 विकेट लेने का रिकॉर्ड श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के नाम दर्ज हैं ।
 * सर्वाधिक 5 विकेट (67 बार) और सर्वाधिक 10 विकेट (22बार) लेने का विश्व रिकॉर्ड भी इन्हीं के नाम दर्ज हैं।

✍️ 4. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक औसत से रन बनाने वाले खिलाड़ी -  सर डॉन ब्रैडमैन ( 99.94 )

* एक सिरीज़ में सर्वाधिक रन (974) और सर्वाधिक दोहरा शतक (12) भी इन्हीं के नाम दर्ज हैं ।

तो ये थे कुछ अंतराष्ट्रीय क्रिकेट रिकॉर्ड जो मैंने इस पोस्ट में शामिल किया हुआ है । हालांकि, मैंने क्रिकेट के हर रिकॉर्ड को इसमें शामिल नहीं किया है पर अगले पोस्ट में कोशिश करूंगा कि पोस्ट को और विस्तार से लिखूं  ।
तो पोस्ट कैसी थी मुझे comment Box में लिखकर जरूर बताएं ।
                                              written By

                                             Lakshman Tudu




एक बस कंडक्टर से लेकर IAS officer बनने तक का सफ़र

 जहां चाह, वहां राह 

 कहते हैं ना....कि जब आदमी का हौसला बुलंद हो तो उनके आगे बड़ी-बड़ी मंजिलें भी घुटने टेक देती है ।
भारत देश में हमेशा से ही एक से बढ़कर एक प्रतिभाशाली व्यक्तियों ने जन्म लिया और वे संसाधनों के अभाव में पलकर भी न सिर्फ अपने समाज को गौरवान्वित किया बल्कि पूरे देश को अपने "प्रतिभा" का लोहा मनवाया है।
मैं आज वैसे ही मजेदार Topic लेकर आप सबके बीच आया हूं, जो आप सबको बहुत ही ज्यादा पसंद आयेगी और खास बात यह है कि इनकी जीवनी आपको कुछ कर गुजरने के लिए प्रेरित करेगी ।।।
देश की सबसे प्रसिद्ध और सबसे प्रतिष्ठित रुतबेदार नौकरशाह  बनना हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका भी बेटा बड़ा होकर IAS Officer बनकर देश की सेवा करें।
 हर  मां-बाप अपने बच्चों के उन  सपनों  को उस मुकाम तक  पहुंचाने के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं.....????
जो खर्च उठा सकते हैं वह महंगी से महंगी coaching classes Join करते हैं और जो खर्च नहीं उठा सकते वह अपने दम पर किस्मत आजमाते हैं....।।।
उनमें से एक हैं  MADHU NC जो कर्नाटक के मंड्या के एक छोटे से गांव मालवल्ली के रहने वाले हैं ।
Madhu NC हाल ही में हुए UPSC EXAM  में सफलता हासिल की है । वह 19 साल के थे जब उन्होंने स्कूली शिक्षा खत्म करने के बाद कंडक्टरी शुरू की । वह नौकरी के
साथ-साथ ग्रेजुएशन और पोस्टर ग्रेजुएशन की शिक्षा डिस्टेंस से की है और उन्होंने पालिटिकल सांइस से मास्टर डिग्री भी कर ली है । जब उसने UPSC की मुख्य परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की तब उसे खुद पर भी यकीन नहीं हो पा रहा था कि उसने इतनी बड़ी सफलता अर्जित की है । वह कहते हैं कि " मेरे माता-पिता को यह नहीं पता कि मैंने कौन-सी परीक्षा पास की है ।" पर वह मेरे परिणाम से बेहद खुश हैं ।
आगे वह कहते हैं कि वह अपने परिवार के एकमात्र पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं ।

अपनी BOSS शिखा जैसी बनना चाहता है वो

मधु बताते हैं कि वह हर दिन 8 घंटे तक कंडक्टरी करते हैं । शायद आप सब जानते ही होंगे कि कंडक्टरी वाला काम कितनी मुश्किल भरी होती है । दिन भर भीड़ भरी यात्रियों के बीच इधर-उधर फिरते हुए टिकट काटना आसान नहीं होती है और इसमें बहुत मेहनत भी रहती है जो शरीर को थका देने वाली होती है। वह अपने प्रेरणा स्रोत सी शिखा ( BMTC के मैनेजिंग डायरेक्टर) को मानते हैं और उन्हीं की तरह वह भी आगे UPSC की इन्टरव्यू क्लियर करने के बाद सफल  IAS officer बनना चाहता है ।

फेल होकर भी उसने कभी हार नहीं मानी...

इससे पहले उसने साल 2014 में कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा भी दी थी पर उसमें उसे सफलता नहीं मिली थी । इसके अलावा उन्होंने साल 2018 में  UPSC की परीक्षा भी दी थी पर उस वक्त वह प्रारंभिक परीक्षा में ही सफल नहीं हो सके थे । 
इतना कुछ होने के बावजूद भी वह कभी हार नहीं माना बल्कि खुद को और मजबूत बनाया ।
वह रोज़ सुबह 4 बजे उठता था और किताबों को पढ़ता था और फ़िर वह लगभग 5 घंटे की अध्ययन के बाद अपने काम पर निकल जाया करते थे और शाम में आकर वह उन पढ़े हुए चीजों को फ़िर से Revision करते थे ।
इस तरह वह अपने सपनों के साथ-साथ अपने घरवालों की भी मदद कर रहे थे ।
मधु के अनुसार उसने कोई कोचिंग संस्थान ज्वाइन नहीं की बल्कि उसने UPSC के लिए अपने वरिष्ठ साथियों और  Internet का सहारा लिया ।

आगामी 25 मार्च 2020  को उनका इंटरव्यू है :-

UPSC ने अपनी बेवसाइट पर आधिकारिक तौर पर इंटरव्यू की तिथि की घोषणा कर दी है जो 17 फरवरी से लेकर 3 अप्रैल  2020 तक चलेगी और इसमें कुल 2304  उम्मीदवारों की‌ इंटरव्यू ली जायेगी ।
उनमें से मधु का इंटरव्यू 25 मार्च 2020 को है और उसके लिए मधु की सहायता BMTC के मैनेजिंग डायरेक्टर और पूर्व IAS  offices सी शिखा उन्हें गाइड कर रहे हैं ।।
आशा है कि वह "इंटरव्यू" की कठिन कड़ी को भी पार कर लेंगे ।
तो आप सबको को कैसी लगी इनकी जीवनी comment Box में जरूर बताएं ।।

बुधवार, 25 दिसंबर 2019

Jharkhand Assembly Election results-2019 // झारखंड विधानसभा चुनाव-2019 का नतीजा

  झारखंड में एक नया सबेरा का उदय

  JMM महागठबंधन सरकार की BJP पर बहुत बड़ी 

  इतिहासिक जीत




 नमस्कार दोस्तों...!!! 

 मैं आज अपने विषय की शुरुआत ऐसी Topic से करने जा रहा हूं जहां विवाद की कड़ी बहुत ज्यादा होती है पर मेरा ये लेख का मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं है बल्कि उन सच्चाई को या उन खामियां को उजागर करने की है जो पिछली सरकार यानी BJP सरकार ने झारखंड की जनता के साथ की है.....!!!


हाल ही में झारखंड विधानसभा चुनाव-2019 के नतीजे सामने आ ग‌ए हैं जिसका सबको बेसब्री से इंतजार था और
ये इंतजार सुबह के उगते हुए सूरज के साथ शुरू होकर शाम के ढलते हुए सूरज के साथ सुखद भरी और इतिहासिक रूप से सम्पन्न हुई ।

23 दिसंबर की सुबह हर झारखंड वासियों के लिए सबसे खास दिन थी क्योंकि विधानसभा चुनाव के नतीजे जो आने थे। उस दिन सुबह 8 बजे के पहले से ही लोगों की नजरें घर की TV Screen पर टिकी हुई थी ताकि उन्हें पल-पल की
ख़बरें मिलती रहे और ये नजरें न सिर्फ बेरोजगार नौजवानों तक ही सीमित नहीं थी बल्कि उसके साथ-साथ बूढ़े-बुजुर्ग, महिला, किसान, मजदूर, पारा शिक्षक, सरकारी सहकर्मी भी थे जो शायद इस उम्मीद के साथ बैठे थे कि कोई तो होंगे जो उनके "हितों" की  बात  करेंगे  और  उन्हें  उनका  "अधिकार"
दिलायेंगे  ।
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि सरकारी विद्यालय के नन्हे बच्चों की टोली भी इसमें शामिल थे और आज वो अपने मनपसंद टिवी चैनलों की मांग नहीं कर रहे थे भले ही वो कभी

 "Tom & Jerry",  "Chhota Bhim" जैसी कार्टून चैनलों के लिए कभी रोते थे पर आज सब शांत थे शायद उन्हें भी इंतजार था अपने होने वाले नये "मुख्यमंत्री" के नये चेहरों का क्योंकि शायद इस "नन्हे से दिल" को भी कहीं ना कहीं BJP सरकार के द्वारा गांव में वर्षों से बंद पड़े विद्यालयों से इतराज हों और शायद यही कारण है कि आज ये नन्हे भी अपने बंद पड़े विद्यालयों के फिर से खुलने की आस लगाए बैठे हों ।।

यहां सभी वर्गों की "आकांक्षाएं" अलग-अलग थी पर सबके विचार एक ही जैसे थे क्योंकि सब "बदलाव" चाहते थे...।।।


वैसे तो  झारखंड राज्य को खनिजों से सम्पन्न राज्य माना जाता है पर आज भी राज्य की स्थिति सुधरी नहीं है।।।
इस राज्य को बिहार से अलग हुए  19वां वर्ष बीत गया है फिर भी ये शिक्षा, स्वस्थ, विकास, रोजगार आदि के मामलों में दूसरे राज्यों की तुलना में अब भी बहुत पीछे चल रही है ।।
 ये बातें एक खनिज सम्पदा राज्य के लिए बहुत कष्टदायक
सिद्ध होती  है ।।
इसलिए हर झारखंड वासी एक बदलाव चाहते थे क्योंकि हरकोई आनेवाले दिनों में झारखंड को श्रेष्ठतम राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते हैं ।।
हर कोई यही चाहते थे कि उनके आने वाले सरकार उनका कोई अपना हो, जनता की सुनने वाला, स्थानीयता को प्राथमिकता देने वाला और  जनता की हर"आकांक्षाओं" में खरा उतरने वाला होना चाहिए  ।।

उस वक्त चारों ओर के नजारे देखने लायक थी क्योंकि वातावरण शांत और मौन थी ...... वहां " धड़कनों" के सिवा किसी की नहीं चल रही थी  कुछ पल के लिए  तो मानों ऐसे लग रहा था  जैसे  मैं कहीं  अलग दुनिया में आ तो नहीं गया हूं ।


पर जैसे-जैसे वक्त का पहिया बढ़ता गया ठीक वैसे ही लोगों की धड़कनें भी तेज़ होती गयी खासकर पार्टी उम्मीदवारों की जो किसी पार्टी के एक उम्मीदवार के रूप में खड़े थे।




और  जैसी ही वोटों  की गिनती शुरू  हुई  उम्मीदवारों की धड़कनें भी उसी रफ्तार से करवटें लेने लगी और उसके
साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की
भीड़ उन करवटों को  ढ़ोल - नगाड़ों, पटाखों  की गुजों के माध्यम से धीरे-धीरे एक नये रुप दे रहे थे।।
शाम की ढलती सूरज के साथ तस्वीरें पूरी तरह से साफ हो चुकी थी और सबको अपनी मनपसंद नये  मुख्यमंत्री के चेहरे की एक झलक देखने को मिल चुकी थी और यही कारण है कि हर किसी  के थकान भरी चेहरों में भी एक "सुकुन" के पल साफ-साफ झलक रही थी और जिन्हें बयां करने की जरूरत नहीं है मानों ऐसे लग रहा था कि जैसे लोगों को फिर से नयी जिन्दगी मिल गयी हों  ।।
एक ओर जहां चुनाव परिणाम आने के बाद जीत की खुशियां मनाई जा रही थी तो वहीं  दुसरी ओर हार के ग़म में  मातम मनाया जा रहा था ।।।

हालांकि, ये "हार और जीत" तो हमेशा होती रहती ही है क्योंकि ये भी चुनाव का ही एक हिस्सा हैं ।।

लेकिन फिर  भी  एक बात तो पूर्ण रूप से साफ हो गया है  इस  2019 के विधानसभा चुनाव परिणाम से कि सबको अपनी-अपनी करनी का फल मिल चुका था जिसने जैसे बोया था वैसे ही काटा..... किसी ने ठीक ही कहा है जैसे करोगे वैसे ही भरोगे।।

जहां एक ओर श्री हेमंत सोरेन और श्री सरयू राय जैसे बड़े उम्मीदवार अपने-अपने पार्टी के लिए मिल का पत्थर साबित होते हैं या यूं कहें कि वह उगते हुए सूरज बनकर उभरते हैं क्योंकि उसने जनता के लिए अच्छे "कर्म" किए थे जो आज उसे उसका सुखद परिणाम मिला  ।।

वहीं दूसरी ओर प्रथम गैर आदिवासी मुख्यमंत्री का दर्जा पाने वाले श्री रघुवरदास को अपने बुरे किए कर्म के अनुसार अपने कुर्सी भी गंवानी पड़ी ।।
उसके साथ-साथ BJP के बड़े-बड़े दिग्गज नेता भी अपनी कुर्सी को बचाने में नाकाम रहे।।
(जैसे:-  श्री दिनेश उरांव, श्री कुणाल षाड़ंगी आदि)

BJP सरकार की हार  के प्रमुख कारण:-

1. CNT-SPT ACT.  संशोधन विधेयक  बिल जबरन पास करना जिसके तहत आदिवासियों को अपने जल, जंगल और जमीनों के अधिकारों से बेदखल किया गया।

* इसी ACT. के तहत गोड्डा में किसानों के साथ अत्याचार किया गया उनकी लहलहाती फसलों को JCB machine
से रौंदवाया गया। ।।।
* इसी ACT. के तहत झारखंड राज्य के 33,000 से ज्यादा आदिवासी और दलित वर्ग बेदखल होने के कगार पर हैं ।।

2. राज्य की स्थानीयता को प्राथमिकता ना देना ।

   * राज्यों के प्रमुख स्थानीय मुद्दों को नजर‌अंदाज    

      करना ।।

 ( जैसे:- शिक्षा, स्वस्थ, सिंचाई, विकास आदि)

3. रोजगार देने में असक्षम

 * पांच सालों में एक स्थिर सरकार होने के बावजूद
    नौजवानों को रोजगार देने में असक्षम ।

4. लगभग प्रत्येक गांवों के विद्यालयों को जबरन बंद किया गया परन्तु शराब  की बड़ी-बड़ी  कम्पनियां आज भी खुलेआम शराब बेच रही है ।।।

इससे आप झारखंड के सरकारी विद्यालयों के Education system के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं कि BJP सरकार गांव के Education system पर कितनी ध्यान रखते हैं।

5. उच्च शिक्षा हेतु बाहर पढ़ रहे गरीब विधार्थियों के

"SCHOLARSHIP" बंद करवाना ।।


6. किसानों को सही सुविधा मुहैया ना कराना ।।


7. पारा शिक्षकों को उनकी अधिकार ना दिलाना ।।


8. हाल ही में महिला सेविकाओं पर HITLER

जैसी वारताव करना और उनपर पुलिस प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज करवाना ।।

चुनाव परिणाम आने के बाद BJP को अपनी किए पर पछतावा हो रही थी क्योंकि वह JMM महागठबंधन की सरकार से बहुत बड़ी अंतर से हार गई थी।
पर अब पछताये क्या होत है, जब चिड़िया चुग गई खेत।।।।

जहां JMM महागठबंधन सरकार को कुल 47 सीटें प्राप्त हुई जो पूर्ण बहुमत के आंकड़ों से 6 सीटें ज्यादा थी तो वहीं BJP को 25 सीटें, आजसू को  2 ,JVM को 3 और
अन्य को 4 सीटें प्राप्त हुई ।।।

हालांकि, देर से ही सही पर सही वक्त पर झारखंड की जनताऔं ने BJP सरकार को बहुत बुरी तरह से सबक सिखायी है ।।।
लगता है अब झारखंड की जनता धीरे-धीरे  "जाग" रही है और प्रगति के पथ पर बढ़ रही है भले ही देर से सही पर ये आने वाले पीढ़ी के लिए एक बहुत अच्छा संकेत दे रही है  ।।।
कहते हैं ना कि हर बड़ी सपनों की शुरुआत हमेशा एक छोटी  सी कोशिशों से ही शुरू होती है ।।
मैं अंत में झारखंड की तमाम जनताओं को चुनाव परिणाम के लिए बधाई देता हूं और उनकी हर उम्मीदें को नये JMM महागठबंधन सरकार पूरी करे उसके लिए शुभकामनाएं देता हूं  ।।

मुझे आशा है कि आप सबको मेरी post पसंद आयी होगी....
comments Box में जरूर बताएं और हां,...!!!
हो सके तो इसे लोगों में share करना ना भूलें ताकि मुझे ऐसी ही post लिखने के लिए मुझे आप सबका साथ और
Motivation मिलता रहे  ।।

                                    written By

                                         Lakshman Tudu



Indra Gandhi peace prize 2025/इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार 2025

इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार 2025 स्थापना - 1986  में यह पुरस्कार  भारत के प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी के याद में " इ...